गांधीग्राम क्षेत्र में 3 दिनाें के भीतर ही जंगली सूअर के हमले की दूसरी घटना मंगलवार सुबह सामने आई। इसमें एक किसान दंपती घायल हाे गया। गांधीग्राम निवासी भैरूलाल (47) पत्नी राधा (43) के साथ खेत में फसल काटने गए थे। तभी सूअर ने हमला कर दिया। पहले उसने पति भैरू सिंह पर हमला किया। पति काे खतरे में देख पत्नी राधा निहत्थी ही सूअर से भिड़ गई ताे उसने भैरू सिंह काे छाेड़कर पत्नी पर हमला कर दिया। इस बीच पति भैरू सिंह ने लाठियाें से सूअर पर वार करना शुरू कर दिया। माैका देखकर राधा ने भी हंसिया से उस पर वार किए। इससे घबराकर सूअर दाेनाें काे छाेड़कर भाग गया। सूचना के बाद ग्रामीणों ने घायलाें काे अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज किया गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे और प्रकरण दर्ज किया। दाेनाें घायलाें काे सहायता राशि भी दी गई। दूसरी तरफ सूअराें के हमले की लगातार घटनाओ से ग्रामीणों में गुस्सा है। जबकि वन विभाग का कहना है कि संरक्षित वन्य जीव हाेने से इन्हें मारा भी नहीं जा सकता। ऐसे में इनसे सुरक्षा के लिए ग्रामीणों का समूहाें में निकलना ही पहली प्राथमिकता हाेनी चाहिए। विभाग भी उनकी हर तरह से मदद के लिए तैयार है।
भोपाल में चल रहा है ग्रामीण का इलाज इसके पहले 14 मार्च काे गांधीग्राम में ही स्थानीय किसान दाैलतराम पर जंगली सूअर ने हमला कर गर्दन की हड्डी ताेड़ दी थी। उन्हें भी जैसेतैसे लाेगाें ने बचाया। उनका अभी भाेपाल में इलाज चल रहा है।
पकी फसल में छिपे सूअर कटाई में करते हैं हमले
इन दिनाें खेताें में फसल कटाई का काम चल रहा है। पकी फसलाें में जंगली सूअर पहले से छिपे रहते हैं अाैर किसान फसल काटने जाते हैं ताे उनपर हमला कर देते हैं। एेसी घटनाएं वन्यक्षेत्र से जुड़े खेताें में ही ज्यादा हाेती हैं।
वन विभाग का रवैया ठीक नहीं, हम चाहते हैं सभी की सुरक्षा हो: भैरू सिंह
हमने अपने गुजारे के लिए दूसरे किसान का खेत बंटाई पर लिया है। मैं अपनी पत्नी के साथ मंगलवार सुबह करीब 7 बजे खेत में फसल काटने के लिए गया था। मेरे हाथ में लाठी थी अाैर मेरी पत्नी के पास हंसिया था। तभी खेत में छिपे सूअर ने मुझपर हमला कर नीचे गिरा दिया। अचानक हुई घटना में मेरी पत्नी के हाथ से भी हंसिया नीचे गिर गया। मुझे खतरे में देख उसने अपने खाली हाथाें से ही सूअर काे पीटना शुरू कर दिया। तब सूअर मुझे छाेड़कर उसकी अाेर झपटा। वह भी घायल हुई। इस बीच मैंने लाठी से सूअर पर हमला किया अाैर मेरी पत्नी ने हंसिए से। तब घबराकर सूअर भाग गया। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। इसके बाद हमें दूसरे लाेगाें ने अस्पताल पहुंचाया। लेकिन हमें वन विभाग का रवैया ठीक नहीं लगा। हम चाहते हैं कि हम सभी की हिंसक जंगली सूअराें से स्थाई सुरक्षा हाे अाैर वन विभाग उन सूअराें काे बचाने में लगा है।